मणिकरण हिमाचल प्रदेश में कुल्लू से 45 किलोमीटर दूर है और यह जगह खासतौर पर गर्म पानी के चश्मों के लिए जानी जाती है। वैसे, यह एक तीर्थ स्थल भी है और यहां मशहूर गुरुद्वारा, मंदिर व मस्जिद भी हैं। माना जाता है कि सिखों के पहले गुरु गुरु नानक देव अपने साथी मर्दाना के साथ यहां आए थे। यह गुरुद्वारा उन्हीं की याद में यहां बना है और सिख आस्थाओं में खास स्थान रखता है। यहां एक मशहूर राम मंदिर है।
कहा जाता है कि यहां एक मूर्ति अयोध्या से लाकर स्थापित की गई थी। इसके अलावा, वहां और भी कई मंदिर हैं। यहां आने वाले लोगों को गर्म पानी चश्मों से पानी लेकर दाल-चावल बनाते देखा जा सकता है। गर्म पानी चश्मों के लिए यहां भगवान शिव व देवी पार्वती से जुड़ी कई कहानियां प्रचलित हैं। यहां की वैली को पार्वती वैली कहा जाता है और यहां फिशिंग का अपना ही मजा है। आप कुल्लू से बस या टैक्सी के जरिए मणिकरण पहुंच सकते हैं। यहां रहने के लिए अच्छे होटेल हैं और खाने के लिए कैफे भी।
यहां से नजदीकी एयरपोर्ट कुल्लू का भुंथर है, तो चंडीगढ़, शिमला व जोगिन्दनगर नजदीकी रेलवे स्टेशंस। यहां से आगे बस या टैक्सी की सुविधा है। अगर आप एक लंबे ट्रिप के बारे में सोच रहे हैं, तो मणिकरण के साथ मनाली जाने का प्लान भी बना सकते हैं।
कहा जाता है कि यहां एक मूर्ति अयोध्या से लाकर स्थापित की गई थी। इसके अलावा, वहां और भी कई मंदिर हैं। यहां आने वाले लोगों को गर्म पानी चश्मों से पानी लेकर दाल-चावल बनाते देखा जा सकता है। गर्म पानी चश्मों के लिए यहां भगवान शिव व देवी पार्वती से जुड़ी कई कहानियां प्रचलित हैं। यहां की वैली को पार्वती वैली कहा जाता है और यहां फिशिंग का अपना ही मजा है। आप कुल्लू से बस या टैक्सी के जरिए मणिकरण पहुंच सकते हैं। यहां रहने के लिए अच्छे होटेल हैं और खाने के लिए कैफे भी।
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