ईस्ट दिल्ली में आप किसी
बड़े पार्क में घूमना चाहते हैं, तो संजय झील पार्क इसके लिए एक बेहतरीन
जगह है। यह पार्क अपनी खूबसूरती के लिए फेमस है। अनु चौहान ने लिया इसका एक जायजा :
आप ईस्ट दिल्ली में रहते हैं और मॉर्निंग वॉक के लिए कोई पार्क तलाश रहे हैं, तो ऐसी जगहें आपको कम ही मिलेंगी। लेकिन जो लोग मयूर विहार या विनोद नगर रहते हैं, उनके लिए एक बढि़या जगह है संजय झील पार्क। आप अगर इस पार्क में सुबह जाएंगे, तो यहां आपको वॉक करने वालों की खासी भीड़ मिलेगी।
बता दें कि 80 के दशक की शुरुआत में पटपड़गंज व मयूर विहार फेस-टू के पास यह जगह बहुत कीचड़ वाली हुआ करती थी, तब डीडीए ने इसे संजय झील पार्क में तब्दील किया। यह पार्क 176 एकड़ एरिया में फैला हुआ है और इसमें से 89 एकड़ एरिया झील को दिया गया है। झील के चारों तरफ गोलाकार पार्क बना हुआ है, जो मयूर विहार फेस-टू तक जाता है। यही नहीं, आसपास कॉलोनी में बारिश का जो भी पानी आता होता है, वह सब इसी झील में मिलता है। यहां के सिक्युरिटी गार्ड प्रकाश बताते हैं कि यहां रोजाना कई सौ लोग वॉक करने व घूमने आते हैं। सुबह व शाम के समय यहां अच्छी-खासी भीड़ देखी जा सकती है। वैसे, पार्क के एंट्रेस गेट के सामने ही एक स्कूल भी है और यह इसके स्टूडेंट्स का भी फेवरिट हैंगआउट स्पॉट है।
कॉलोनी के साथ हुआ विस्तार
जब 1989-90 में मयूर विहार के पॉकेट ई, डी और बी का विस्तार हुआ, तो डीडीए ने इस पार्क को और फैला दिया, ताकि आसपास के लोगों को सैरगाह के लिए एक अच्छी जगह मिल सके। अब यह पार्क पटपड़गंज से लेकर मयूर विहार फेस-टू तक लोगों की जरूरतों को पूरा करता है।
फूलों की बिखरी छटा
इस पार्क में घुसते ही आपको तमाम वैराइटी के रंग-बिरंगे फूल नजर आएंगे और इन्हें देखते ही आपका मन पार्क को 'फ्लावर पार्क' कहने का करेगा। बेशक इस रंगीन माहौल में आप देर तक घूमना चाहेंगे।
योगा शिविर
आप संजय झील पार्क में वॉक एंजॉय करने के अलावा और तरीकों से भी फिटनेस का ध्यान रख सकते हैं। दरअसल, यहां समय-समय पर योगा शिविर भी लगते हैं, जहां आप सेहत सुधार सकते हैं।
बोटिंग का भी मजा
यहां घूमने आने वालों के लिए बोटिंग एक स्पेशलिटी है। दरअसल , डीडीए ने यहां की झील को लोगों की आउटिंग के लिए तैयार किया है। ऐसे में बोटिंग का लुत्फ आप गर्मियों में सुबह 12 बजे से शाम 7 बजे तक उठा सकते हैं , तो सर्दियों में इसका समय सुबह 11 से शाम 6 बजे तक का है। यहां 10 साल से कम उम्र के बच्चे यहां अकेले बोटिंग नहीं कर सकते। यही नहीं , बोटिंग के दौरान किसी का भी ड्रिंक या स्मोक करना मना है। यहां पैडल बोट का किराया 50 रुपये है , जिसमें आप आधे घंटे तक घूम सकते हैं। इसमें एक बार में 4 लोग बोटिंग कर सकते हैं।
बतखों की संख्या है ज्यादा
जहां दिल्ली के बाकी पार्कों में पक्षी कम ही नजर आते हैं , वहीं यहां आपको इनका शोर खूब सुनाई देगा। दरअसल , यहां 200 से भी ज्यादा बतखें है , जिनकी हरकतें आप यहां बैठकर एंजॉय कर सकते हैं।
पिकनिक की बेस्ट जगह
अगर आप किसी शांत जगह पर कुछ पल बिताना या पिकनिक मनाना चाहते हैं , तो उसके लिए भी यह जगह बेस्ट है। यहां लोगों के आराम से बैठने के लिए शेड का भी बंदोबस्त किया गया है। चूंकि यह पार्क बहुत बड़ा है , इसलिए यहां फैमिलीज व स्कूल से भी बच्चे पिकनिक मनाने आते हैं।
झूले हैं खास
बच्चों को पिकनिक या घूमने का तभी मजा आता है , जब वहां उनकी पसंद के झूले भी हों। यहां कई तरह के झूले हैं , जिन्हें बच्चे काफी एंजॉय करते हैं।
पुल है अट्रैक्शन
आप पार्क में वॉक करते हुए बोर हो गए हैं , तो झील के ऊपर बने ब्रिज पर भी वॉक का भी लुत्फ उठा सकते हैं। यहां से आपको पूरे पार्क की ग्रीनरी भी साफ दिखाई देगी।
फाउंटेन का क्या कहना
पार्क को खूबसूरत बनाने के लिए यहां पर फाउंटेन भी लगाए गए हैं। मॉनसून के मौसम इनसे पार्क की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है।
झील को गंदा करते इलाके
हालांकि झील की समय - समय पर सफाई की जाती रहती है , लेकिन आसपास के इलाकों का गंदा पानी इस झील में गंदगी भर देता है। झील के पास त्रिलोकपुरी व आसपास के कारखानों का गंदा पानी भी इसमें आता है , तो लोग इसमें कूड़ा - कचरा भी डाल देते हैं।
खास सुविधाएं
चूंकि यहां बहुत सारे लोग आते हैं , इसलिए जगह - जगह पर टॉयलेट की फैसिलिटी रखी गई है। इसके अलावा , यहां एक नर्सरी हैं , तो बुजुर्गों के बैठने के लिए ओल्ड पीपल कॉर्नर भी हैं , ताकि उन्हें बैठने में किसी तरह की परेशानी ना हो।
आप ईस्ट दिल्ली में रहते हैं और मॉर्निंग वॉक के लिए कोई पार्क तलाश रहे हैं, तो ऐसी जगहें आपको कम ही मिलेंगी। लेकिन जो लोग मयूर विहार या विनोद नगर रहते हैं, उनके लिए एक बढि़या जगह है संजय झील पार्क। आप अगर इस पार्क में सुबह जाएंगे, तो यहां आपको वॉक करने वालों की खासी भीड़ मिलेगी।
बता दें कि 80 के दशक की शुरुआत में पटपड़गंज व मयूर विहार फेस-टू के पास यह जगह बहुत कीचड़ वाली हुआ करती थी, तब डीडीए ने इसे संजय झील पार्क में तब्दील किया। यह पार्क 176 एकड़ एरिया में फैला हुआ है और इसमें से 89 एकड़ एरिया झील को दिया गया है। झील के चारों तरफ गोलाकार पार्क बना हुआ है, जो मयूर विहार फेस-टू तक जाता है। यही नहीं, आसपास कॉलोनी में बारिश का जो भी पानी आता होता है, वह सब इसी झील में मिलता है। यहां के सिक्युरिटी गार्ड प्रकाश बताते हैं कि यहां रोजाना कई सौ लोग वॉक करने व घूमने आते हैं। सुबह व शाम के समय यहां अच्छी-खासी भीड़ देखी जा सकती है। वैसे, पार्क के एंट्रेस गेट के सामने ही एक स्कूल भी है और यह इसके स्टूडेंट्स का भी फेवरिट हैंगआउट स्पॉट है।
कॉलोनी के साथ हुआ विस्तार
जब 1989-90 में मयूर विहार के पॉकेट ई, डी और बी का विस्तार हुआ, तो डीडीए ने इस पार्क को और फैला दिया, ताकि आसपास के लोगों को सैरगाह के लिए एक अच्छी जगह मिल सके। अब यह पार्क पटपड़गंज से लेकर मयूर विहार फेस-टू तक लोगों की जरूरतों को पूरा करता है।
फूलों की बिखरी छटा
इस पार्क में घुसते ही आपको तमाम वैराइटी के रंग-बिरंगे फूल नजर आएंगे और इन्हें देखते ही आपका मन पार्क को 'फ्लावर पार्क' कहने का करेगा। बेशक इस रंगीन माहौल में आप देर तक घूमना चाहेंगे।
योगा शिविर
आप संजय झील पार्क में वॉक एंजॉय करने के अलावा और तरीकों से भी फिटनेस का ध्यान रख सकते हैं। दरअसल, यहां समय-समय पर योगा शिविर भी लगते हैं, जहां आप सेहत सुधार सकते हैं।
बोटिंग का भी मजा
यहां घूमने आने वालों के लिए बोटिंग एक स्पेशलिटी है। दरअसल , डीडीए ने यहां की झील को लोगों की आउटिंग के लिए तैयार किया है। ऐसे में बोटिंग का लुत्फ आप गर्मियों में सुबह 12 बजे से शाम 7 बजे तक उठा सकते हैं , तो सर्दियों में इसका समय सुबह 11 से शाम 6 बजे तक का है। यहां 10 साल से कम उम्र के बच्चे यहां अकेले बोटिंग नहीं कर सकते। यही नहीं , बोटिंग के दौरान किसी का भी ड्रिंक या स्मोक करना मना है। यहां पैडल बोट का किराया 50 रुपये है , जिसमें आप आधे घंटे तक घूम सकते हैं। इसमें एक बार में 4 लोग बोटिंग कर सकते हैं।
बतखों की संख्या है ज्यादा
जहां दिल्ली के बाकी पार्कों में पक्षी कम ही नजर आते हैं , वहीं यहां आपको इनका शोर खूब सुनाई देगा। दरअसल , यहां 200 से भी ज्यादा बतखें है , जिनकी हरकतें आप यहां बैठकर एंजॉय कर सकते हैं।
पिकनिक की बेस्ट जगह
अगर आप किसी शांत जगह पर कुछ पल बिताना या पिकनिक मनाना चाहते हैं , तो उसके लिए भी यह जगह बेस्ट है। यहां लोगों के आराम से बैठने के लिए शेड का भी बंदोबस्त किया गया है। चूंकि यह पार्क बहुत बड़ा है , इसलिए यहां फैमिलीज व स्कूल से भी बच्चे पिकनिक मनाने आते हैं।
झूले हैं खास
बच्चों को पिकनिक या घूमने का तभी मजा आता है , जब वहां उनकी पसंद के झूले भी हों। यहां कई तरह के झूले हैं , जिन्हें बच्चे काफी एंजॉय करते हैं।
पुल है अट्रैक्शन
आप पार्क में वॉक करते हुए बोर हो गए हैं , तो झील के ऊपर बने ब्रिज पर भी वॉक का भी लुत्फ उठा सकते हैं। यहां से आपको पूरे पार्क की ग्रीनरी भी साफ दिखाई देगी।
फाउंटेन का क्या कहना
पार्क को खूबसूरत बनाने के लिए यहां पर फाउंटेन भी लगाए गए हैं। मॉनसून के मौसम इनसे पार्क की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है।
झील को गंदा करते इलाके
हालांकि झील की समय - समय पर सफाई की जाती रहती है , लेकिन आसपास के इलाकों का गंदा पानी इस झील में गंदगी भर देता है। झील के पास त्रिलोकपुरी व आसपास के कारखानों का गंदा पानी भी इसमें आता है , तो लोग इसमें कूड़ा - कचरा भी डाल देते हैं।
खास सुविधाएं
चूंकि यहां बहुत सारे लोग आते हैं , इसलिए जगह - जगह पर टॉयलेट की फैसिलिटी रखी गई है। इसके अलावा , यहां एक नर्सरी हैं , तो बुजुर्गों के बैठने के लिए ओल्ड पीपल कॉर्नर भी हैं , ताकि उन्हें बैठने में किसी तरह की परेशानी ना हो।