हर साल की तरह इस बार भी बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा की यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगने वाला है। यात्रा का समय 1 जुलाई से शुरू होकर 24 अगस्त तक रहेगा। इस दौरान श्रद्धालुओं को तमाम तरह की मौसमी परिस्थितियों से दो-चार होते हुए आगे बढ़ना होता है।
हर साल चूंकि यात्रा के दौरान करीब 50 लोगों की मौत हो जाती है इसलिए यात्रा का संचालन करने वाले श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड ने यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए श्रद्धालुओं को कुछ दिशानिर्देश जारी किए हैं। अगर आप भी इस यात्रा पर जाने की तैयारी कर रहे हैं तो यात्रा के पहले और उस दौरान कुछ अहम बातों का ध्यान जरूर रखिएगा।
फिट होंगे तभी रहेंगे हिट
यात्रा पर जाने से पहले अपनी फिजिकल फिटनेस दुरुस्त करें। इसके लिए यात्रा शुरू करने से एक महीने पहले रोजाना वॉक करें, 4-5 किलोमीटर चलें। शरीर की ऑक्सिजन लेने की क्षमता बढ़ाने के लिए गहरी सांस लेने वाली एक्सरसाइज करें, मसलन प्राणायाम।
कपड़ों पर भी दें ध्यान
यात्रा के दौरान आपको ऊंचे पर्वतों पर तेज ठंडी हवाओं के बीच चलना पड़ेगा। इसलिए अपने साथ पर्याप्त मात्रा में ऊनी, गर्म कपड़े व छोटा छाता (जिसे पकड़ने की जरूरत न हो और आपके सिर पर इलास्टिक की मदद से टिका रहे) जरूर ले जाएं। इसके अलावा विंडशीटर, रेनकोट, वॉटरप्रूफ शूज, टॉर्च, वॉकिंग स्टिक, कैप (मंकी कैप बेहतर), दास्ताने, जैकिट, ऊनी मोजे और ट्राउजर। यह सब इसलिए जरूरी है कि यात्रा वाली जगह पर तापमान में तेजी से बदलाव होते हैं। तापमान 5 डिग्री सेल्सियस या उससे कम जा सकता है।
लेडीज स्पेशल
यात्रा के लिए साड़ी कतई सही ड्रेस नहीं है। सलवार कमीज, पैंट-शर्ट या टैक सूट ज्यादा कंफर्टेबल रहेंगे। मुश्किल हालात को देखते हुए बच्चों को यात्रा पर नहीं जाना चाहिए।
सामान की देखभाल
आपके सामान को ढो रहे घोड़े या शख्स को अपने आसपास ही रखें क्योंकि उनसे बिछड़ जाने पर उन्हें ढूंढना काफी मुश्किल हो सकता है। यह इसलिए भी जरूरी है कि अचानक जरूरत पड़ने पर आप सामान निकाल सकें। पहलगाम/बालटाल से आगे की यात्रा के समय अपने कपड़े और खाने-पीने की चीजें वॉटरप्रूफ बैग में रखकर चलें ताकि वे गीली न होने पाएं।
इमरजेंसी के लिए ऐहतियात
किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में अपनी मदद के लिए अच्छा होगा कि आप अपनी जेब में अपने नाम, पता, मोबाइल या फोन नंबर नोट करके रखें। अपने साथ हमेशा आइडेंटिटी कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस और अपना यात्री परमिट लेकर चलें। रोजाना ली जाने वाली अपनी दवाओं को रखने के अलावा कुछ ग्लूकोज, डिस्पिरिन, कोंबीफ्लेम, मूव/आयोडेक्स, मरहम आदि भी रखें।
स्किन केयर पर भी ध्यान
यात्रा में लगातार खुले में चलना पड़ेगा और ठंडी हवा व धूप के संपर्क में रहना होगा इसलिए स्किन की सुरक्षा के लिए कोल्ड क्रीम/वैसलीन/सनस्क्रीन साथ जरूर रखें।
ट्रेकिंग करते वक्त रखें ख्याल
ट्रेकिंग के दौरान तीखी चढ़ाई आने पर थोड़ी-थोड़ी देर पर रिलैक्स करते हुए आगे बढ़ें। न ही अपनी सामान्य कपैसिटी से ज्यादा खुद को थकाएं। तेज चलने की बजाय धीमी और सधी चाल रखें। यात्रा प्रशासन के दिशानिर्देशों का पालन करें। जिन जगहों पर जाने के लिए वॉर्निंग नोटिस दिए गए हों वहां न रुकें। स्मोकिंग या अलकोहल न लें। चप्पल की बजाय फीतेदार जूते पहनें। शॉर्टकट के चक्कर में अलग रास्ता न अपनाएं। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली कोई चीज न ले जाएं और न ऐसा कोई काम करें।
हर साल चूंकि यात्रा के दौरान करीब 50 लोगों की मौत हो जाती है इसलिए यात्रा का संचालन करने वाले श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड ने यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए श्रद्धालुओं को कुछ दिशानिर्देश जारी किए हैं। अगर आप भी इस यात्रा पर जाने की तैयारी कर रहे हैं तो यात्रा के पहले और उस दौरान कुछ अहम बातों का ध्यान जरूर रखिएगा।
फिट होंगे तभी रहेंगे हिट
यात्रा पर जाने से पहले अपनी फिजिकल फिटनेस दुरुस्त करें। इसके लिए यात्रा शुरू करने से एक महीने पहले रोजाना वॉक करें, 4-5 किलोमीटर चलें। शरीर की ऑक्सिजन लेने की क्षमता बढ़ाने के लिए गहरी सांस लेने वाली एक्सरसाइज करें, मसलन प्राणायाम।
कपड़ों पर भी दें ध्यान
यात्रा के दौरान आपको ऊंचे पर्वतों पर तेज ठंडी हवाओं के बीच चलना पड़ेगा। इसलिए अपने साथ पर्याप्त मात्रा में ऊनी, गर्म कपड़े व छोटा छाता (जिसे पकड़ने की जरूरत न हो और आपके सिर पर इलास्टिक की मदद से टिका रहे) जरूर ले जाएं। इसके अलावा विंडशीटर, रेनकोट, वॉटरप्रूफ शूज, टॉर्च, वॉकिंग स्टिक, कैप (मंकी कैप बेहतर), दास्ताने, जैकिट, ऊनी मोजे और ट्राउजर। यह सब इसलिए जरूरी है कि यात्रा वाली जगह पर तापमान में तेजी से बदलाव होते हैं। तापमान 5 डिग्री सेल्सियस या उससे कम जा सकता है।
लेडीज स्पेशल
यात्रा के लिए साड़ी कतई सही ड्रेस नहीं है। सलवार कमीज, पैंट-शर्ट या टैक सूट ज्यादा कंफर्टेबल रहेंगे। मुश्किल हालात को देखते हुए बच्चों को यात्रा पर नहीं जाना चाहिए।
सामान की देखभाल
आपके सामान को ढो रहे घोड़े या शख्स को अपने आसपास ही रखें क्योंकि उनसे बिछड़ जाने पर उन्हें ढूंढना काफी मुश्किल हो सकता है। यह इसलिए भी जरूरी है कि अचानक जरूरत पड़ने पर आप सामान निकाल सकें। पहलगाम/बालटाल से आगे की यात्रा के समय अपने कपड़े और खाने-पीने की चीजें वॉटरप्रूफ बैग में रखकर चलें ताकि वे गीली न होने पाएं।
इमरजेंसी के लिए ऐहतियात
किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में अपनी मदद के लिए अच्छा होगा कि आप अपनी जेब में अपने नाम, पता, मोबाइल या फोन नंबर नोट करके रखें। अपने साथ हमेशा आइडेंटिटी कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस और अपना यात्री परमिट लेकर चलें। रोजाना ली जाने वाली अपनी दवाओं को रखने के अलावा कुछ ग्लूकोज, डिस्पिरिन, कोंबीफ्लेम, मूव/आयोडेक्स, मरहम आदि भी रखें।
स्किन केयर पर भी ध्यान
यात्रा में लगातार खुले में चलना पड़ेगा और ठंडी हवा व धूप के संपर्क में रहना होगा इसलिए स्किन की सुरक्षा के लिए कोल्ड क्रीम/वैसलीन/सनस्क्रीन साथ जरूर रखें।
ट्रेकिंग करते वक्त रखें ख्याल
ट्रेकिंग के दौरान तीखी चढ़ाई आने पर थोड़ी-थोड़ी देर पर रिलैक्स करते हुए आगे बढ़ें। न ही अपनी सामान्य कपैसिटी से ज्यादा खुद को थकाएं। तेज चलने की बजाय धीमी और सधी चाल रखें। यात्रा प्रशासन के दिशानिर्देशों का पालन करें। जिन जगहों पर जाने के लिए वॉर्निंग नोटिस दिए गए हों वहां न रुकें। स्मोकिंग या अलकोहल न लें। चप्पल की बजाय फीतेदार जूते पहनें। शॉर्टकट के चक्कर में अलग रास्ता न अपनाएं। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली कोई चीज न ले जाएं और न ऐसा कोई काम करें।