भलस्वा लेक: वेस्ट का बेस्ट प्लेस

भलस्वा झील राजधानी के प्रमुख पिकनिक स्पॉट्स में से एक है। यहां घूमने-फिरने वालों के अलावा बोटिंग और तैराकी सीखने वाले भी खूब आते हैं। उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में स्थित इस स्पॉट पर ऐसी कई चीजें हैं, जो पर्यटकों को खासा लुभाती हैं :
वेस्ट दिल्ली की तरफ अगर आप आउटिंग के लिए बढि़या जगह तलाश रहे हैं, तो भलस्वा लेक आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन हो सकती है। यहां आप नेचर के साथ वक्त बिताने के अलावा और भी बहुत कुछ एंजॉय कर सकते हैं।
क्या है यहां
सैकड़ों एकड़ में फैली इस झील के एक तरफ गोल्फ कोर्स और पार्क है, जबकि दूसरी ओर आउटर रिंग रोड और कॉलोनी व गांव बसे हुए हैं। इसलिए यह पूरा इलाका बेहद शांत है। वैसे तो पिछले कुछ सालों में यहां कम पानी होता था, लेकिन इस बार भारी बारिश की वजह से झील में खूब पानी है। यकीनन झील फिलहाल बेहद खूबसूरत नजर आ रही है। अब यहां जहां तक नजर जाती है, बहता पानी और हरियाली नजरों को कहीं ओर भटकने ही नहीं देते। वैसे, यहां दिन भर बोटिंग और तैराकी करने वालों का आना-जाना लगा रहता है। यहां की व्यवस्था दिल्ली टूरिजम के पास है और विभाग के अधिकारी सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक यहां मौजूद रहते हैं।
बोटिंग का मजा
अगर बोटिंग एंजॉय करना चाहते हैं, तो यहां 24 से भी ज्यादा छोटी-बड़ी बोट्स हैं। एक मोटर बोट है, जिससे एक साथ पूरी झील की सैर की जा सकती है। इसके अलावा, यहां पेडल बोट्स और साधारण बोट्स भी पर्याप्त संख्या में है। पर्यटकों की सुरक्षा के लिए दिल्ली टूरिजम की ओर से लाइफ गार्ड और अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहते हैं। तैराकी और बोटिंग की ट्रेनिंग देने के लिए यहां बीएसएफ के जवान आते हैं। इसके अलावा, प्राइवेट कोच की सुविधा भी है। प्राइवेट कोच विनोद शर्मा बताते हैं, 'इस बार बोटिंग और तैराकी के लिए झील में पर्याप्त पानी है। इस वजह से यहां पिछले सालों के मुकाबले अधिक स्टूडेंट्स ट्रेनिंग लेने के लिए आ रहे हैं।' 

 एंजॉय करें पिकनिक
भलस्वा झील को राजधानी के बड़े पिकनिक स्पॉट्स में शुमार किया जाता है। यही वजह है कि राजधानी के दूसरे इलाकों से भी लोग यहां पिकनिक एंजॉय करने आते हैं। दरअसल, यहां का शांत व हरा-भरा माहौल सभी को खासा लुभाता है। झील का आकर्षण भी कम नहीं है और यहां मछलियों की बड़ी वैराइटी देखने को मिलती हैं। इतना ही नहीं, यहां साइबेरियन पक्षी भी आते हैं। झील के पास रहने वाले रामफल सिंघल का कहना है, 'अगर सरकार पूरी ईमानदारी से झील के विकास पर ध्यान दे, तो यह राजधानी का सबसे बड़ा पिकनिक स्पॉट बन सकता है। इससे लोगों का मनोरंजन तो होगा ही, बल्कि सरकार को राजस्व की प्राप्ति भी होगी। हालांकि अगर सरकार खुद सुविधाएं नहीं बढ़ा पा रही है, तो इसे किसी प्राइवेट कंपनी दे देना चाहिए। इस तरह यहां आने वाले पर्यटकों को अधिक से अधिक सुविधा मिल सकेगी।'
करियर का स्कोप
झील पर लोग एडवेंचर व मस्ती के अलावा करियर बनाने के लिए भी आते हैं। दरअसल , इस झील पर तैराकी और बोटिंग सीखने के बाद कई लोग न सिर्फ नैशनल चैंपियनशिप में शामिल हुए , बल्कि उन्हें खासी सफलता भी मिली। भलस्वा गांव के निवासी नयन सिंह यादव कहते हैं , ' झील ने मुझे बहुत कुछ दिया। यहां की ट्रेनिंग ने मुझे नैशनल लेवल का खिलाड़ी बना दिया। इसका लाभ यह हुआ कि मुझे बीएसएफ में नौकरी मिल गई। अभी मैं वहां हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात हूं। वैसे , मौका लगने पर मैं अक्सर यहां आता रहता हंू और यहां आने वाले बच्चों व अन्य लोगों को बोटिंग व इसकी तैयारी के बारे में बताता हूं। '
स्टूडेंट्स की मस्ती
राम किशन यादव सोनिया विहार स्थित सरकारी स्कूल में 10 वीं क्लास के स्टूडेंट हैं और वह झील पर बोटिंग व तैराकी की ट्रेनिंग ले रहे हैं। उन्होंने बताया , ' बीएसएफ के कोच के अलावा प्राइवेट कोच भी यहां ट्रेनिंग देते हैं और कई स्टूडेंट्स इसमंे दिलचस्पी रखते हैं। ' राम किशन पढ़ाई के बाद झील पर आ जाते हैं और फिर अपनी ट्रेनिंग लेते हैं। रामकिशन के साथी सुशील भी उनके साथ आते हैं। उनका कहना है कि वह इसी फील्ड में अपना करियर बनाना चाहते हैं और इसी वजह से वह यह ट्रेनिंग ले रहे हैं।
ट्रेनिंग फीस
तैयारी और बोटिंग की मामूली फीस है। यदि कोई आर्थिक रूप से कमजोर है , तो उसे भी मदद की जाती है। भलस्वा बोट क्लब का मेंबर बनकर कोई भी व्यक्ति यहां अच्छे कोच से ट्रेनिंग ले सकता है। जूनियर लेवल की ट्रेनिंग के लिए मेंबर बनने पर पहली बार 125 रुपये देने होंगे और इसके बाद हर महीने 75 रुपये की फीस लगेगी। 18 साल से ज्यादा उम्र वालों के लिए पहली बार 175 रुपये और इसके बाद 100 रुपये महीने की फीस है।
बोटिंग चार्ज
पर्यटकों के लिए पेडल और मोटर बोट्स उपलब्ध हैं। पेडल बोट के लिए 50 रुपये चार्ज देना पड़ता है। 50 रुपये में 4 लोग आधे घंटे तक बोटिंग का मजा ले सकते हैं। 30 मिनट से अधिक समय होने पर 50 रुपये अतिरिक्त देने पड़ेंगे। मोटर बोट पर एक साथ 6 लोगों के बैठने की व्यवस्था है और इसका चार्ज 150 रुपये है। दिल्ली पर्यटन विभाग का दावा है कि किसी तरह की अनहोनी से बचाने के लिए झील में लाइफ गार्ड हर समय मौजूद होते हैं।
कहां है झील
यह झील उत्तर - पूर्वी इलाके में स्थित है और यह जहांगीरपुरी व भलस्वा गांव के पास है। जीटी रोड और आउटर रिंग रोड से बेहद करीब यह झील दूर से ही नजर आती है। वैसे , यह जहांगीर पुरी थाने के ठीक पीछे है।
कैसे पहुंचे
आप चाहें अपने वीकल से जाएं या फिर पब्लिक ट्रांसपोर्ट यूज करें , यहां पहुंचना बेहद आसान है और इसमें आपको कोई परेशानी नहीं होगी। वैसे , यहां मेट्रो से भी पहुंच सकते हैं। मेट्रो रेल से जाने के लिए जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन पर उतरना चाहिए। यहां से बस या ऑटो मिल जाता है। आप रिक्शा से भी ले सकते हैं। इसके लिए पहले आप को भलस्वा गांव ( आउटर रिंग रोड चौराहा ) जाना पड़ेगा। बस की सुविधा काफी अच्छी है। यहां से बस रूट नंबर 165, 254, आउटर मुद्रिका आदि बसें मिलती हैं।
सुरक्षा का ध्यान
झील के आसपास पुलिस गश्त होती है। दिल्ली पुलिस की ओर से इलाके में सुरक्षा की व्यवस्था है। लेकिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक के बीच ही वहां रहना बेहतर है। इसके बाद रिस्क हो सकता है। वहां कोई कीमती सामान लेकर नहीं जाएं। झील में बोटिंग करते समय जरूरी गाइडलाइंस का पालन करें। बोट पर बैठते समय इस बात को नजरअंदाज नहीं करें कि बोट से से छेड़छाड़ करना खतरनाक हो सकता है। वैसे , लेक पर बंदर भी काफी हैं। इन्हें कुछ खिलाने या उकसाने की कोशिश न करें , क्योंकि यह खतरनाक हो सकता है।