अगर आप किसी जगह को बस टूर से एक्सप्लोर करने की प्लानिंग में हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान जरूर रखें। ये आपके सफर को आरामदायक रखने के साथ सुरक्षा के लिए भी जरूरी है:
बस टूर का अपना ही मजा है। इसमें बहुत सारे लोगों के साथ होने के बावजूद आप अकेले घूमने का मजा ले सकते हैं। यही नहीं, इस सफर में आप अपनी फेवरिट बुक को बिना डिस्टर्ब हुए बहुत सारा समय दे सकते हैं। हां, इतना जरूर है कि कम खर्च और सुकून भरा ढेर सारा वक्त देने के साथ ही ये टूर आपसे सब्र की डिमांड जरूर रखते हैं। यही वजह है कि इन्हें एंजॉय करने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है, खासतौर पर तब, जब आप कोई विदेशी डेस्टिनेशन बस टूर के जरिए देख रहे हों।
- टिकट लेने से पहले बेस्ट डील की सभी संभावनाएं तलाश लें। स्टूडेंट्स, मिलिट्री के सीनियर लोग, बच्चों वगैरह को इन पर डिस्काउंट मिलता है, तो दो लोगों के लिए भी छूट का अरेंजमेंट रहता है।
- वैसे, अडवांस में टिकट खरीदना सस्ता पड़ता है, इसलिए आखिरी पलों में बस टूर प्लान करने से बढ़िया है कि प्लानिंग थोड़ा पहले करें।
- टू वे टिकट की बजाय राउंड ट्रिप के बारे में पता करें। अक्सर ये सस्ती पड़ती हैं।
- बैगेज को लेकर नियम खासे कड़े होते हैं, इसलिए सामान के साइज व वजन के बारे में पूछताछ कर लें। कहीं ऐसा न हो कि आपको अपना कुछ सामान टमिर्नल पर छोड़ना पड़े या फिर इसके लिए आपको एक्स्ट्रा फीस भरनी पड़े। साथ ही, टूर कंपनी से इंश्योरेंस या नुकसान की भरपाई के नियम भी जान लें।
- वैसे, साथ ले जाने के लिए कैरी ऑन बैग्स सही रहते हैं, क्योंकि ये सीट के ऊपर रैक में फिट आ जाते हैं।
- इस बात का भी ध्यान रखें कि टूर के दौरान बस चेंज करते समय सामान की जिम्मेदारी आपकी अपनी होगी।
- जहां से आपको बस लेनी है, वहां चलने के समय से एक घंटा पहले पहुंच जाएं। बिजी सीजन के दौरान तो आप इस बात का खास ख्याल रखें। दरअसल, जितना जल्दी आप पहुंचेंगे, उतनी अच्छी सीट ऑप्शन आपके पास होगी।
- सीट चुनते समय अपने कंफर्ट का ध्यान रखें। पिछली सीट पर आपको झटके ज्यादा लगेंगे, तो आगे की सीटों पर पढ़ना कंफटेर्बल नहीं रहता है। अगर आपको बार-बार लू जाना पड़ता है, तो कोने वाली सीट लें और अगर आप ज्यादा डिस्टर्ब होना पसंद नहीं करते, तो खिड़की वाली सीट आपके लिए बेहतर रहेगी।
- और हां, अब एक चालाकी की बात। अगर आप दोनों सीटें हथियाने की फिराक में हैं, तो पहले ही कोने वाली सीट पर बैठ जाएं और दूसरी पर अपना बैग रख दें। ऐसे में अगर बस में भीड़ ज्यादा नहीं हुई, तो आपकी प्लानिंग सफल रहेगी।
- अगर बस में वॉशरूम की सुविधा है, तो सीट चूज करते समय इस बात का भी ध्यान रखें, क्योंकि थोड़ी देर के बाद अक्सर वहां बैठना मुश्किल हो जाता है।
- बस ड्राइवर व कंडक्टर से भी जान-पहचान बना लें। इस तरह आपको उस जगह की जरूरी जानकारी उनसे मिल जाएगी।
- बस की सफाई के दौरान सभी को बाहर जाने के लिए कहा जाता है। इस दौरान अपना सामान सीट पर न छोड़ें, क्योंकि उसके गुम होने पर बस वाले इसकी जिम्मेदारी नहीं लेते हैं।
- सफर के दौरान जहां भी बस रुके, वापस समय पर आ जाएं। यह मानकर न चलें कि बस आपके बिना आगे नहीं जाएगी।
- अगर आप समय पर नहीं आए, तो आपकी जगह किसी नए यात्री को मिल सकती है और आपको टर्मिनल पर दूसरी बस का इंतजार करना होगा।
- बेहतर यह होगा कि बस कंपनी से रिबोर्डिंग टिकट के बारे में भी पूछ लें और बाहर निकलने से पहले इसे जरूर ले लें।
- रास्ते में आप अपनी पसंद की जगहों पर रुकते हुए जा सकते हैं। इसलिए यह तय कर लें कि आपको कहां आराम करना है और कहां साइट विजिट के लिए निकलना है। इस बारे में टिकट एजेंट व ड्राइवर से पहले ही बात कर लें और बाद में मिलने वाली बस सर्विस के बारे में भी पता कर लें।
बस टूर का अपना ही मजा है। इसमें बहुत सारे लोगों के साथ होने के बावजूद आप अकेले घूमने का मजा ले सकते हैं। यही नहीं, इस सफर में आप अपनी फेवरिट बुक को बिना डिस्टर्ब हुए बहुत सारा समय दे सकते हैं। हां, इतना जरूर है कि कम खर्च और सुकून भरा ढेर सारा वक्त देने के साथ ही ये टूर आपसे सब्र की डिमांड जरूर रखते हैं। यही वजह है कि इन्हें एंजॉय करने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है, खासतौर पर तब, जब आप कोई विदेशी डेस्टिनेशन बस टूर के जरिए देख रहे हों।
- टिकट लेने से पहले बेस्ट डील की सभी संभावनाएं तलाश लें। स्टूडेंट्स, मिलिट्री के सीनियर लोग, बच्चों वगैरह को इन पर डिस्काउंट मिलता है, तो दो लोगों के लिए भी छूट का अरेंजमेंट रहता है।
- वैसे, अडवांस में टिकट खरीदना सस्ता पड़ता है, इसलिए आखिरी पलों में बस टूर प्लान करने से बढ़िया है कि प्लानिंग थोड़ा पहले करें।
- टू वे टिकट की बजाय राउंड ट्रिप के बारे में पता करें। अक्सर ये सस्ती पड़ती हैं।
- बैगेज को लेकर नियम खासे कड़े होते हैं, इसलिए सामान के साइज व वजन के बारे में पूछताछ कर लें। कहीं ऐसा न हो कि आपको अपना कुछ सामान टमिर्नल पर छोड़ना पड़े या फिर इसके लिए आपको एक्स्ट्रा फीस भरनी पड़े। साथ ही, टूर कंपनी से इंश्योरेंस या नुकसान की भरपाई के नियम भी जान लें।
- वैसे, साथ ले जाने के लिए कैरी ऑन बैग्स सही रहते हैं, क्योंकि ये सीट के ऊपर रैक में फिट आ जाते हैं।
- इस बात का भी ध्यान रखें कि टूर के दौरान बस चेंज करते समय सामान की जिम्मेदारी आपकी अपनी होगी।
- जहां से आपको बस लेनी है, वहां चलने के समय से एक घंटा पहले पहुंच जाएं। बिजी सीजन के दौरान तो आप इस बात का खास ख्याल रखें। दरअसल, जितना जल्दी आप पहुंचेंगे, उतनी अच्छी सीट ऑप्शन आपके पास होगी।
- सीट चुनते समय अपने कंफर्ट का ध्यान रखें। पिछली सीट पर आपको झटके ज्यादा लगेंगे, तो आगे की सीटों पर पढ़ना कंफटेर्बल नहीं रहता है। अगर आपको बार-बार लू जाना पड़ता है, तो कोने वाली सीट लें और अगर आप ज्यादा डिस्टर्ब होना पसंद नहीं करते, तो खिड़की वाली सीट आपके लिए बेहतर रहेगी।
- और हां, अब एक चालाकी की बात। अगर आप दोनों सीटें हथियाने की फिराक में हैं, तो पहले ही कोने वाली सीट पर बैठ जाएं और दूसरी पर अपना बैग रख दें। ऐसे में अगर बस में भीड़ ज्यादा नहीं हुई, तो आपकी प्लानिंग सफल रहेगी।
- अगर बस में वॉशरूम की सुविधा है, तो सीट चूज करते समय इस बात का भी ध्यान रखें, क्योंकि थोड़ी देर के बाद अक्सर वहां बैठना मुश्किल हो जाता है।
- बस ड्राइवर व कंडक्टर से भी जान-पहचान बना लें। इस तरह आपको उस जगह की जरूरी जानकारी उनसे मिल जाएगी।
- बस की सफाई के दौरान सभी को बाहर जाने के लिए कहा जाता है। इस दौरान अपना सामान सीट पर न छोड़ें, क्योंकि उसके गुम होने पर बस वाले इसकी जिम्मेदारी नहीं लेते हैं।
- सफर के दौरान जहां भी बस रुके, वापस समय पर आ जाएं। यह मानकर न चलें कि बस आपके बिना आगे नहीं जाएगी।
- अगर आप समय पर नहीं आए, तो आपकी जगह किसी नए यात्री को मिल सकती है और आपको टर्मिनल पर दूसरी बस का इंतजार करना होगा।
- बेहतर यह होगा कि बस कंपनी से रिबोर्डिंग टिकट के बारे में भी पूछ लें और बाहर निकलने से पहले इसे जरूर ले लें।
- रास्ते में आप अपनी पसंद की जगहों पर रुकते हुए जा सकते हैं। इसलिए यह तय कर लें कि आपको कहां आराम करना है और कहां साइट विजिट के लिए निकलना है। इस बारे में टिकट एजेंट व ड्राइवर से पहले ही बात कर लें और बाद में मिलने वाली बस सर्विस के बारे में भी पता कर लें।