कोट्टायम जाना है

कोट्टायम जाने का यह टाइम अच्छा है , लेकिन वहां हल्की ठंड होगी। इसलिए अपने साथ स्वेटर व शॉल जरूर लेकर चलें। ठहरने के लिए स्टैंडर्ड व बजट दोनों तरह के ऑप्शंस आपको वहां मिलेंगे। हालांकि लग्जरी हाउस बोट्स के बारे में भी सोचा जा सकता है। यहां के खूबसूरत नजारों के बीच आप कुछ दिन किसी रिसोर्ट में रहने का मजा जरूर लें। इसके अलावा , एडवेंचर व नेचर से जुड़ने के लिए पेरियार वाइल्डलाइफ सेंचुरी जा सकते हैं। यह जगह हाथियों , चीतों और खास तरह के भैंसों के लिए मशहूर है। कोट्टायम का तिरुंकारा शिव टेंपल भी एक देखने लायक जगह है। वैसे , मार्च में यहां होने वाले फाल्गुन उत्सव का पर्यटकों में खासा क्रेज रहता है। इस दौरान यहां संस्कृत में नाटक खेले जाते हैं , जिनकी गहराई जानने के लिए लोकल लोगों के साथ टूरिस्टों का भी खूब जमावड़ा रहता है। कोट्टायम के पास कुमारकोम भी एक आकर्षक जगह है , जो प्रवासी पक्षियों के लिए मशहूर है। कोट्टायम से नजदीकी एयरपोर्ट कोच्चि का है , जहां से इसकी दूरी 80 किमी है। वैसे , यह रेल मार्ग से तमाम शहरों से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा , यहां पहुंचने के लिए बोट व फेरी भी ली जा सकती हैं।